चंडीगढ़, 5 जून। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के कराधान विभाग ने आयरन एवं स्टील क्षेत्र में कर चोरी के खिलाफ एक व्यापक विशेष अभियान चलाते हुए 200 से अधिक वाहनों को हिरासत में लिया है तथा लगभग 7 करोड़ रुपये मूल्य का माल जब्त किया है। उन्होंने कहा कि कर चोरी के प्रति राज्य सरकार की ‘शून्य सहनशीलता’ नीति के तहत यह विशेष कार्रवाई फर्जी बिलिंग तथा बिना वैध दस्तावेजों के माल की ढुलाई पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 3.5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा।
अभियान की जानकारी साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कराधान विभाग की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट (सीपू ) ने आज एक सुनियोजित और बड़े स्तर की प्रवर्तन कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह अभियान मुख्य रूप से पंजाब के प्रमुख आयरन एवं स्टील औद्योगिक क्षेत्र, अर्थात् मंडी गोबिंदगढ़ , खन्ना तथा आसपास के इलाकों में चलाया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य अवैध गतिविधियों के माध्यम से की जा रही कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना था।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान आयरन स्क्रैप और तैयार स्टील उत्पादों की ढुलाई कर रहे 200 से अधिक वाहनों को गहन जांच के लिए रोका गया। वित्त मंत्री ने कहा कि जब्त किए गए माल की कुल मात्रा 2400 मीट्रिक टन से अधिक आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कई खेपें या तो बिना वैध चालान और ई-वे बिल के परिवहन की जा रही थीं अथवा उनके साथ प्रस्तुत दस्तावेज अत्यधिक संदिग्ध पाए गए हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभाग फर्जी बिलिंग के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है और राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर चोरी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा राज्य के राजस्व हितों की रक्षा के लिए ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
वित्त मंत्री चीमा ने कर चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान की दी जानकारी 