चंडीगढ़, 22 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को कुरुक्षेत्र में विभिन्न संगठनों के साथ आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक को संबोधित किया। इस अवसर पर उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित बजट से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए।
हर वर्ग की सहभागिता से बनेगा संतुलित बजट
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह किसी एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख नागरिकों का बजट है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसा बजट तैयार करना है, जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे।
मुख्यमंत्री ने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षा, खेल एवं सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में उपस्थित सभी संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बजट-पूर्व परामर्श के दौरान प्राप्त प्रत्येक व्यावहारिक और जनहित से जुड़े सुझाव को प्राथमिकता के आधार पर विचार में लिया जाएगा तथा उन्हें आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दूरदर्शी, संतुलित और जन-अपेक्षाओं पर आधारित बजट प्रस्तुत करना है, जिसका प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाले वर्षों में धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
बजट-पूर्व सुझावों पर हुई ठोस कार्रवाई, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से संबंधित एक्शन-टेकन रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों को सरकार द्वारा गंभीरता से लेते हुए पिछले बजटों में शामिल किया गया था, जिनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बजट से संबंधित कुल 11 परामर्श बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनमें विभिन्न हितधारकों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। इन बैठकों के दौरान महिला वर्ग, उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्र, विभिन्न विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास एवं स्किलिंग, आबकारी विभाग तथा इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, स्टार्ट-अप से संबंधित कई सुझावों को पहले ही लागू किया जा चुका है तथा रोजगार सृजन से जुड़े प्रस्तावों पर कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, युवा सशक्तिकरण तथा उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, उपप्रधान सचिव श्री यशपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

